(पंजाब दैनिक न्यूज़) समाचार एजेंसी के मुताबिक समझौते के अनुसार अभियुक्तों ने दिसंबर मे हुई घटना और 1997 में हुई इसी तरह की एक और घटना के लिए माफ़ी मांगी. मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधियों ने हिंदुओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा का आश्वासन दिया.इस मीटिंग से जुड़ी जानकारियां सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी जाएंगी और अभियुक्तों की रिहाई को कोशिश की जाएगी.

समाचार एजेंसी के मुताबिक ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह के मुख्यमंत्री महमूद ख़ान ने शनिवार को कहा कि कारक समाधि को तोड़े जाने की घटना निंदनीय थी और धर्मों के बीच शांति और सद्भावना को ख़त्म करने की एक कोशिश थी.उन्होंने मामले को सुलझाने के लिए ‘जिरगा’ के सदस्यों की तारीफ़ भी की. उन्होंने उम्मीद जताई कि मुस्लिम उलेमा और हिंदू समुदाय के लोग भविष्य में भी शांति बनाए रखेंगे.

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