(पंजाब दैनिक न्यूज़)  इंदौर : नजदीकी जंगल से भटक कर इंदौर में गुरुवार को रिहायशी इलाके में घुसे तेंदुए को कड़ी मशक्कत के बाद बेहोश कर पकड़ लिया गया. इससे पहले, इस वन्य जीव के हमले में एक साल की बच्ची और 30 वर्षीय महिला समेत पांच लोग घायल हो गए. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने यह जानकारी दी. तेंदुए के बचाव अभियान का नेतृत्व स्थानीय कमला नेहरू चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने किया.

यादव ने बताया, “लिम्बोदी क्षेत्र की एक निर्माणाधीन इमारत में घुसे तेंदुए को पहले जाल लगाकर घेरा गया। फिर विशेष बंदूक से दवा का इंजेक्शन दागकर उसे बेहोश किया गया.” उन्होंने बताया कि तेंदुए को करीब पांच घंटे के अभियान के बाद बेहोश कर पकड़ा गया. इससे पहले, इस फुर्तीले वन्य जीव ने यहां-वहां दौड़कर बचाव दल को खूब छकाया और बार-बार हमले का प्रयास किया.अधिकारियों ने बताया कि लिम्बोदी और इसके आसपास के रिहायशी इलाके में तेंदुए के हमले में घायल पांच लोगों में एक साल की बच्ची, 30 वर्षीय महिला, वन कर्मी, चिड़ियाघर कर्मचारी और चौकीदार शामिल हैं. उन्होंने बताया कि बेहोश तेंदुए को स्थानीय चिड़ियाघर ले जाया गया है. होश में आने पर उसकी सेहत जांची जाएगी और स्वस्थ पाए जाने पर उसे दोबारा जंगल में छोड़ा जाएगा.

इस बीच, लिम्बोदी क्षेत्र के शंकर मोहल्ले के खेमराज राठौर ने बताया, “तेंदुआ खुले दरवाजे से मेरे घर में घुसा और मेरी पत्नी पद्मा के शरीर पर दांत गड़ा दिए. वह उस वक्त खाना पका रही थी, जबकि मेरे तीन बच्चे पढ़ाई कर रहे थे.” उन्होंने बताया, “शोर सुनकर मैं डंडा लेकर दौड़ा और तेंदुए को घर से भगाया.”

.

LEAVE A REPLY