(पंजाब दैनिक न्यूज़)  कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन के 100 दिन हो गए हैं. वहीं, आज दिल्ली व दिल्ली की सीमाओं के विभिन्न विरोध स्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेसवे पर 5 घंटे की नाकाबंदी की जाएगी. किसान सुबह 11 से शाम 4 बजे केएमपी एक्सप्रेस वे जाम करेंगे. वहीं किसान टोल प्लाजा को टोल फीस जमा करने से भी मुक्त करेंगे. हालांकि किसानों के मुताबिक यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा. संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शनकारियों से आह्वान किया है कि 100 दिन पूरे होने पर काली पट्टी बांध अपना विरोध दर्ज कराएं.

सिंघु बॉर्डर से किसान कुंडली पहुंच एक्सप्रेस वे का रास्ता ब्लॉक करेंगे तो वहीं इस मार्ग पर पड़ने वाले टोल प्लाजा को भी ब्लॉक करेंगे. गाजीपुर बॉर्डर से किसान डासना टोल की ओर कूच करेंगे. टिकरी बॉर्डर से नजदीक बहादुरगढ़ बॉर्डर ब्लॉक करेंगे. साथ ही शाजहांपुर बॉर्डर पर बैठे किसान गुरुग्राम-मानेसर को छूता केएमपी एक्सप्रेस वे ब्लॉक करेंगे. किसानों की तरफ से ये भी कहा जा रहा है कि जिन बॉर्डर्स से जो टोल प्लाजा नजदीक होगा उसे भी ब्लॉक कर दिया जाएगा.

गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने बताया, “किसान यहां से डासना टोल की ओर कूच करेंगे, लेकिन हरियाणा-यूपी में जितने भी टोल पड़ेंगे, जैसे की दुहाई, कासना, नोएडा आदि सब पर किसान रहेंगे और जाम किया जाएगा.” उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण तरह से इन टोल प्लाजा को बंद किया जाएगा, राहगीरों को परेशान नहीं किया जाएगा, राहगीरों के लिए पानी की व्यवस्था रखी जाएगी, आंदोलनकारियों द्वारा राहगीरों को कृषि विषय पर अपने दुख भी बताएंगे.”

राजवीर सिंह ने बताया, “इमरजेंसी वाहनों को नहीं रोका जाएगा, चाहे एम्बुलेंस हो, फायर ब्रिगेड की गाड़ी, वहीं कोई विदेशी पर्यटकों को भी नहीं रोका जाएगा. इसके अलावा मिल्रिटी वाहनों को भी नहीं रोका जाएगा.” संयुक्त किसान मोर्चा ने ये भी आम लोगों से अनुरोध किया है कि आंदोलन को समर्थन के लिए, और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए, घरों और कार्यालयों पर काले झंडे लहराए जाएंगे.

गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे आंदोलन कमिटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा, “गाजीपुर बॉर्डर मंच विधिवत चलेगा, यहां से बहुत ज्यादा लोग नहीं जाएंगे, हालांकि कुछ किसान यहां से डासना टोल पहुंचेंगे. वहीं ग्रेटर नोएडा , दुहाई, बागपत और दादरी कट पर गांव के लोग बैठेंगे.” उन्होंने बताया, “बच्चों, बीमार लोगों को जाने दिया जाएगा, बॉर्डर पर रोके जाने वाले लोगों के लिए जल पान की व्यवस्था की जाएगी.”बता दें कि तीन नए अधिनियमित खेत कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.

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