(पंजाब दैनिक न्यूज़)  ममताबेनर्जी आरोप है कि दूसरी पार्टियां अपने खेमे में शामिल करने के लिए उनपर लगातार दबाव बना रही थी। साथ ही ममता ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि रेल मंत्रालय अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता। उन्होंने विपक्षी पार्टियों के राज्य में खराब कानून-व्यवस्था के दावे को भी नकार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमला रेलवे परिसर में हुआ है और यह केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आता है।इस हादसे के बाद ममता बुधवार को उनकी हालत का जायजा लेने के लिए एसएसकेएम अस्पताल पहुंचीं और उनका हालचाल जाना।

ममताबेनर्जी ने कहा कि मंत्री जाकिर हुसैन पर हमला सुनियोजित था। कुछ लोगों ने बम धमाके को रिमोट कंट्रोल से अंजाम दिया। यह एक साजिश है। पिछले कई महीनों से कुछ पार्टियां जाकिर हुसैन पर ज्वाइन करने का दबाव बना रही थी। मैं कुछ भी खुलासा नहीं करना चाहती हूं क्योंकि जांच जारी है। हमलावरों को हुसैन की हर आवाजाही के बारे में जानकारियां थीं और उन्होंने उनका अवश्य पीछा किया होगा।

बनर्जी ने कहा कि ना केवल सीआईडी बल्कि राज्य एसटीएफ और इंकाउंटर इनसर्जेंसी फोर्स (सीआईएफ) इस मामले की जांच में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने बम धमाके में गंभीर रूप से घायल लोगों को मुआवजे के तौर पर पांच लाख रुपये और मामूली घायलों के लिए एक लाख रुपये देने का एलान भी किया। ममता ने कहा कि सुरक्षा चूक पर रेलवे अपनी जवाबदेही से कैसे भाग सकती, वो भी तब जब हमला रेलवे स्टेशन पर हुआ हो?

हमले के वक्त कोई भी सुरक्षा कर्मचारी स्टेशन पर नहीं था। कोई बत्ती-बिजली नहीं थी, पूरा अंधेरा था। रेलवे पुलिस क्या रही थी? रेलवे को इस जांच में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन रेलवे की संपत्ति है और सुरक्षा का जिम्मा रेलवे पुलिस का होता है। यह हमारे अधिकार/न्यायिक क्षेत्र में नहीं है। बनर्जी ने कहा कि धमाके में कुल 26 लोग घायल हुए। राज्य सरकार ने मामले की जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंप दिया है।

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