(पंजाब दैनिक न्यूज़) वैशाख शुक्ल पूर्णिमा बुधवार यानी 26 मई को चंद्रग्रहण लगेगा। यह चंद्रग्रहण देश के पूर्वोत्तर भाग में और पश्चिम बंगाल के कुछ भाग में दिखाई पड़ेगा।देश के बाकी भागों में इस ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। ज्योतिषाचार्य अमित बहोरे के अनुसार चंद्रग्रहण दोपहर 2:18 बजे शुरू होगा, जो शाम 7:19 बजे तक रहेगा। लेकिन सूतक मान्य नहीं होगा।

चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लगेगा। इस कारण इसका ज्यादा प्रभाव इसी राशि और नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातकों पर पड़ेगा। ऐसे में वृश्चिक राशि के| मेष, मिथुन, सिंह, तुला और मीन राशि वालों को वाणी और स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखना शुभ रहेगा। कन्या, धनु, मकर राशि के लिए शुभ परिणाम मिलेंगे।चंद्र ग्रहण में सूतक काल 9 घंटे पहले लगता है और मंदिरों के कपाट बंद हो जाते है। मगर उपछाया ग्रहण में किसी प्रकार के धार्मिक कामों पर रोक नहीं होती। इस लिए इस सूतक काल नहीं माना जाता है। इस दिन मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं होंगे।

ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या न करें
ग्रहण के दौरान तेल लगाना, जल पीना, बाल बनाना, कपड़े धोना और ताला खोलना जैसे कार्य नहीं करने चाहिए। कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। ग्रहण काल में अपने ईष्ट देव की पूजा अर्चना करना शुभ होता है। इस दौरान दान में विशेष महत्व दिया गया है। ग्रहण समाप्त होने पर घर के बाहर गंगा जल का छिड़काव करना चाहिए। ग्रहण के बाद स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। ग्रहण काल में खाने-पीने की चीजों में तुलसी दल रखना चाहिए। इस दिन पांच ग्रहों के एक साथ होने का संयोग भी बन रहा है। जो भारत के आर्थिक पक्ष के लिए लाभ कारी रहेंगे। अन्य देशों को कुछ परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

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