(पंजाब दैनिक न्यूज़) पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव का संग्राम तेज होता जा रहा है. बीजेपी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नॉमिनेशन रद्द करने की मांग की है. बीजेपी का आरोप है कि ममता ने अपने नामांकन में 6 मुकदमों की जानकारी नहीं दी है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बाबत रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत की, मामला अब चुनाव आयोग तक पहुंच गया है.

शुभेंदु अधिकारी का दावा
दिसंबर में तृणमूल कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए ‘झूठा’ कहा है. तमलुक में एक जनसभा संबोधित करते हुए, अधिकारी ने कहा, ‘ममता बनर्जी ने अपने नामांकन में सच छुपाया है. ममता के खिलाफ दर्ज छह मामलों की इस नामांकन में जानकारी नहीं दी गई है. शुभेंदु का दावा है कि 2018 में असम में पांच मामले दर्ज किए गए थे, उनका उल्लेख नहीं किया गया है. एक मामले में CBI जांच जारी है.

चुनाव आयोग से शिकायत
इस बीच, बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को चुनाव आयोग से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शिकायत की. बीजेपी ने नंदीग्राम से ममता का नामांकन रद्द करने की मांग की है. बीजेपी नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा, ‘हमने चुनाव आयोग से मुख्यमंत्री का नामांकन को रद्द करने की मांग की है, क्योंकि उनके खिलाफ छह मामले हैं लेकिन उनके हलफनामे में इनका उल्लेख नहीं है. इससे पहले, रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत की गई थी लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई.’सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवालाबीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा है कि उम्मीदवार को अपने ऊपर दर्ज सभी मुकदमों की जानकारी देना अनिवार्य है.

अगर उम्मीदवार इसमें फेल होता है तो उसकी उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है. ऐसे में आधे दर्जन मुकदमे छिपाने के मामले में ममता बनर्जी की नंदीग्राम सीट से उम्मीदवारी रद्द होनी चाहिए. बता दें, नंदीग्राम पश्चिम बंगाल चुनाव की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पूर्व मंत्री ममता के सहकर्मी रहे शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं. अधिकारी दावा कर रहे हैं कि नंदीग्राम में ममता को 50,000 से अधिक मतों से हराएंगे. 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधान सभा के लिए 27 मार्च से चुनाव शुरु होगा. आठ चरणों में मतदान होगा. 29 अप्रैल को अंतिम दौर का मतदान होगा. मतों की गिनती 2 मई को होगी.

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