(पंजाब दैनिक न्यूज़) भारत सरकार लगातार ही हर क्षेत्र में भारत को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में योजनाएं बना रही हैं। खिलौनों से लेकर हथियार बनाने तक हर क्षेत्र में देश में ही कंपनियां शुरू करने की कवायद शुरू हो चुकी है। देश की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों को भारत बड़ी संख्या में विदेश से आयात करता है लेकिन अब इस मामले में कमी आई है। कभी दुनिया के सबसे बड़े Arms Importer रहे भारत ने इस मामले में हथियारों के import में 33 फीसदी की कमी की है।
हथियारों के बाजार पर नजर रखने वाली संस्था SIPRI के अनुसार, भारत ने रूस और अमेरिका से हथियार खरीदने में कमी की है जबकि फ्रांस और इजरायल को तरजीह दी है।SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2016 से साल 2020 के बीच दुनिया में सबसे ज्यादा हथियार सऊदी अरब द्वारा इंपोर्ट किए गए हैं इसके बाद भारत का नंबर आता है। तीसरे नंबर पर मिस्त्र, चौथे पर ऑस्ट्रेलिया और पांचवे पर चीन आता है। साल 2011 से 15 के मुकाबले साल 2016-20 के बीच भारत ने विदेश से खरीदे जाने वाले हथियारों में 33 फीसदी की कमी की है।
भले ही भारत ने पिछले 5 सालों में सबसे ज्यादा हथियार रूस से खरीदे हों लेकिन वहां से आने वाले हथियारों में 53 फीसदी की कमी आई है। पहले भारत विदेशों से आने वाले 70 फीसदी हथियार रूस से खरीदता था जो अब घटकर 49 फीसदी रह गया है।अमेरिका से भी भारत ने इन 5 सालों में पहले के मुकाबले कम  हथियार खरीदे हैं। साल 2001 से 2015 के बीच अमेरिका भारत को हथियार देने वाला दूसरा बड़ा देश था लेकिन अब वो चौथे नंबर पर चला गया है। अमेरिका से Arms Import के मामले में भारत ने 46 फीसदी की कमी की है। पिछले 5 सालों में इजरायल और फ्रांस भारत को हथियार देने के मामले में दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे हैं। भारत ने इस साल फ्रांस से राफेल विमान खरीदे हैं, जिसके बाद हथियारों के मामले में भारत द्वारा फ्रांस से किए जाने वाला आयात में 709 फीसदी का इजाफा हुआ है।
वहीं इजारयल से होने वाले इंपोर्ट में 82 फीसदी की वृद्धि हुई है। हालांकि पिछले पांच सालों में भारत द्वारा किए गए कुल इंपोर्ट में कमी आई हैं। SIPRI ने अपनी रिपोर्ट में इसकी वजह भारत की जटिल खरीद प्रकिया और रूस के अलावा अन्य देशों से हथियार खरीदे जाना बताया है।भारत सरकार लगातार ही हर क्षेत्र में भारत को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में योजनाएं बना रही हैं। खिलौनों से लेकर हथियार बनाने तक हर क्षेत्र में देश में ही कंपनियां शुरू करने की कवायद शुरू हो चुकी है। देश की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों को भारत बड़ी संख्या में विदेश से आयात करता है लेकिन अब इस मामले में कमी आई है। कभी दुनिया के सबसे बड़े Arms Importer रहे भारत ने इस मामले में हथियारों के import में 33 फीसदी की कमी की है।
हथियारों के बाजार पर नजर रखने वाली संस्था SIPRI के अनुसार, भारत ने रूस और अमेरिका से हथियार खरीदने में कमी की है जबकि फ्रांस और इजरायल को तरजीह दी है।SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2016 से साल 2020 के बीच दुनिया में सबसे ज्यादा हथियार सऊदी अरब द्वारा इंपोर्ट किए गए हैं इसके बाद भारत का नंबर आता है। तीसरे नंबर पर मिस्त्र, चौथे पर ऑस्ट्रेलिया और पांचवे पर चीन आता है। साल 2011 से 15 के मुकाबले साल 2016-20 के बीच भारत ने विदेश से खरीदे जाने वाले हथियारों में 33 फीसदी की कमी की है। भले ही भारत ने पिछले 5 सालों में सबसे ज्यादा हथियार रूस से खरीदे हों लेकिन वहां से आने वाले हथियारों में 53 फीसदी की कमी आई है। पहले भारत विदेशों से आने वाले 70 फीसदी हथियार रूस से खरीदता था जो अब घटकर 49 फीसदी रह गया है।अमेरिका से भी भारत ने इन 5 सालों में पहले के मुकाबले कम हथियार खरीदे हैं। साल 2001 से 2015 के बीच अमेरिका भारत को हथियार देने वाला दूसरा बड़ा देश था लेकिन अब वो चौथे नंबर पर चला गया है। अमेरिका से Arms Import के मामले में भारत ने 46 फीसदी की कमी की है। पिछले 5 सालों में इजरायल और फ्रांस भारत को हथियार देने के मामले में दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे हैं।

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