(पंजाब दैनिक न्यूज़)  देश में बनी फार्मा कंपनी भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन को-वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया है। ये वही वैक्सीन है जिसका टीका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली मार्च को दिल्ली एम्स में लगवाया था। भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे जारी किए हैं। नतीजों में कहा गया है कि को-वैक्सीन 81 प्रतिशत सफल रही है। 25,800 लोगों पर तीसरे चरण में कोवैक्सीन का ट्रायल हुआ था।

भारत बायोटेक ने कहा कि उसका कोविड- 19 का टीका- कोवैक्सिन तीसरे चरण के चिकित्सकीय परीक्षण में 81 प्रतिशत तक प्रभावी दिखा। हैदराबाद की इस कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसके तीसरी चरण के परीक्षण में 25,800 व्यक्ति शामिल हुए। भारत में इस तरह का यह अब तक का सबसे बड़ा परीक्षण है। इसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से सम्पन्न किया गया।

भारत बायोटेक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के खिलाफ हमारी लड़ाई और वैक्सिन (टीका) की खोज में विज्ञान के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। तीसरे चरण के चिकित्सीय परीक्षण के आज के परिणाम के साथ हमने अपने कोविड- 19 टीके के पहले, दूसरे और तीसरी परीक्षण के आंकड़ों को जारी कर दिया है। इन परीक्षणों में करीब 27,000 व्यक्ति शामिल हुये।’’

उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय परीक्षण में कोवैक्सिन ने न केवल कोविड- 19 के खिलाफ उच्च क्षमता का रुझान दिखाई है बल्कि यह कोरोना के तेजी से उभरते नये स्वरूपों के खिलाफ भी बेहतर प्रतिरोधन क्षमता विकसित करने सफल रही है। कोविड- 19 से बचाव के लिये कोवैक्सिन टीके को भारत बायोटेक ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के साथ मिलकर देश में ही विकसित किया है। देश में इन दिनों कौवक्सिन के साथ साथ आक्सफोर्ड- एस्ट्राजेनेका के कोवीशील्ड टीके को लोगों को लगाया जा रहा है

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