(पंजाब दैनिक न्यूज़)  द‍िल की धड़कन का तेज होना हमेशा किसी समस्या का ही संकेत नहीं होता है। कई बार अचानक डर जाने, गुस्सा आने या बहुत दुख होने पर दिल की धड़क न बढ़ जाती है। इसी तरह कई बार कुछ फूड्स को काने से भी धड़कन तेज हो जाती है। लेकिन अगर अक्सर ही आपकी धड़कन बढ़ जाती है और वो भी बिना किसी ठोस कारण, तो ये स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।

इस बीमारी को हम म‍ेड‍िकल भाषा में Tachyarrhythmia (टैकीएरिद्मिया) कहते हैं। इसका मतलब है अचानक ही द‍िल की गत‍ि का असमान्‍य होना या बढ़ जाना। एक सामान्‍य व्‍यक्‍त‍ि के शरीर में दिल 1 म‍िनट में 60 से 100 बार धड़कता है। कई बार तेज दौड़ने से भी हॉर्ट रेट बढ़ जाता है, जो कि परेशानी वाली बात नहीं है। पर यूं ही बैठे-बैठे दिल का तेज धड़कना, दिल से जुड़ी इस बीमारी का एक गंभीर लक्षण है। इसके अलावा इस बीमारी के कई और लक्षण भी हैं, जिनके बारे में हमने कॉर्डि‍योलॉज‍िस्‍ट से बात की।

तो, आइए जानते हैं कि आख‍िर कभी-कभार हमारा द‍िल इतना तेज क्‍यों धड़कता है और अगर ये एक गंभीर समस्‍या है तो क्‍या हैं इसके लक्षण और इलाज।अगर आप एथलीट हैं या आप ऐसा कोई काम करते हैं ज‍िसमें बहुत शारीर‍िक मेहनत है तो द‍िल की धड़कन का बढ़ना कोई बड़ी परेशानी नहीं है। लेक‍िन अगर सामान्‍य व्‍यक्‍त‍ि ऐसी परेशानी बार-बार महसूस कर रहा है तो च‍िंता की बात है। एक सामान्‍य इंसान का द‍िल 1 म‍िनट में 60 से 100 बार धड़कता है। अगर आपने 1 म‍िनट में इससे तेज धड़कनें महसूस की हैं तो आपको डॉक्‍टर के पास जाना चाह‍िये। डॉक्‍टर पल्‍स ऑक्‍सीमीटर की मदद से पहले आपकी धड़कन चेक करते हैं।

अगर उससे परेशानी पकड़ में नहीं आती है तो ईसीजी टेस्‍ट क‍िया जाता है। 50 प्रत‍िशत केसों में ईसीजी से बीमारी पकड़ ली जाती है। अगर तब भी बीमारी का पता न लगे तो आईएलआ जैसे आधुन‍िक उपकरण की मदद से व्‍यक्‍त‍ि के शरीर में पेसमेकर की तरह पैच डाला जाता है ये 15 दिन से 1 साल तक शरीर में रहकर धड़कनों को मॉन‍िटर कर सकता है। पर आपको बीमारी बढ़ने का इंतजार ब‍िल्‍कुल नहीं करना है। हाई हॉर्ट रेट से आपको कई तरह की बीमारी भी हो सकती है जैसे कार्डियक अरेस्‍ट, हॉर्ट फेल होना, दिल का दौरा पड़ना आद‍ि। कुछ लक्षण हैं ज‍िनसे आप हाई हॉर्ट रेट समझ सकते हैं।एक मिनट में 100 से ज्‍यादा बार द‍िल धड़कने के अलावा अन्‍य लक्षणों में आपको ज्‍यादा पसीना भी आ सकता है।

सीने में उठने वाला दर्द भी बीमारी का संकेत हो सकता है। बैठे रहने पर अगर आपको लगता है क‍ि धड़कन बहुत तेज है और आप ग‍िर जायेंगे तो ऐसा होने से पहले संभल जाइये। ये कुछ बड़े लक्षण हैं ज‍िनसे आप बीमारी का पता लगा सकते हैं।द‍िल की तेज गत‍ि के कई कारण हो सकते हैं। कभी-कभी डर या घबराहट से भी ऐसी परेशानी हो सकती है। हाइपर थॉयरॉयड या प्रेग्‍नेंसी में भी द‍िल तेज धड़कता है। किसी भी अलग लक्षण को पहचानने के ल‍िये अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें। कि‍सी भी बीमारी को समय रहते पकड़ ल‍िया जाये तो आपको बड़े मेड‍िकल ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ती। दि‍ल की बीमारी से जुड़ा एक म‍िथ ये भी है क‍ि लोगों को लगता है दिल का तेज धड़कना आम बात है जबक‍ि ये छोटी सी परेशानी एक बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है।हॉर्ट रेट तेज होने का बड़ा कारण है मानस‍िक तनाव। जब हम हद से ज्‍यादा परेशान होते हैं तो हमारे नर्वस स‍िस्‍टम पर फर्क पड़ता है। द‍िल को प्रभावित करने वाले हार्मोन हरकत करने लगते हैं। ज्‍यादा च‍िंता करना आपके शरीर के कई ह‍िस्‍सों में बीमारी का कारण बनता है इसल‍िये खुश रहें। दिन में 30 मिनट जरूर वॉक करें। सुबह की ताजी हवा में सांस लेना भी बहुत फायदेमंद होता है। इससे आपका दिल ही नहीं बल्‍क‍ि पूरा शरीर रोग मुक्‍त रहता है।

जितना तनाव कम रहेगा आपका द‍िल उतना ही स्‍वस्‍थ्‍य रहेI हाई हॉर्ट रेट उन मह‍िलाओं में ज्‍यादा होता है जिनके शरीर में खून की कमी होती है। खून की कमी से रेड ब्लड सेल्‍स की संख्या कम होती है ज‍िससे द‍िल की धड़कन बढ़ने लगती है। चुकंदर खून बढ़ाने में मदद करता है। आप सलाद में खाएं या चुकंदर का जूस पी सकते हैं।कैफीन या नशीली चीजें हमारे द‍िल को बीमार करती हैं। इनसे दूर रहें। अगर आप लगातार इन चीजों का सेवन करते हैं तो द‍िल की तेज धड़कन के साथ-साथ आपका शरीर अन्‍य बीमार‍ियों का भी घर बन जायेगा।कुछ ऐसे खास आहार हैं ज‍िनसे द‍िल की सेहत अच्‍छी रहती है। अगर आपको अचानक से द‍िल की धड़कन तेज लगे तो इन उपायों को आजमायें। जैसे-आप एक कप गाजर का जूस रोज दोपहर में पीयें।एक सेब भी द‍िल को स्‍वस्‍थ रखता है।एक सेब भी द‍िल को स्‍वस्‍थ रखता है।इलाइची को शहद में म‍िलाकर खाना ह्रदय रोगों में अच्‍छा माना जाता है।द‍िल की धड़कन बढ़ने पर नींबू पानी पी सकते हैं या अजवायन में सेंधा नमक म‍िलायें और पानी के साथ खा लें। ये भी आपकी धड़कन को तुरंत ठीक कर देगा।धड़कन असामान्‍य होने पर अदरक, तुलसी और सेंधा नमक को पीस लें और उसका पेस्‍ट चाटें।पीसी हुई राई को छाती पर मलने से ह्रदय को काफी आराम पहुंचता है।

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इंसान के शरीर में ह्रदय एक जरूरी अंग है जो हमारे पूरे शरीर में खून को पंप करता है। इसे स्‍वस्‍थ्‍य रखने के कई आसान उपाय हैं ज‍िन्‍हें अपनाकर आप हेल्‍दी हॉर्ट पा सकते हैं।-अगर आपको लग रहा है क‍ि द‍िल की धड़कन बढ़ रही है तो सबसे पहले सीधे होकर बैठ जाइये। गहरी सांस लीज‍िये। आराम करने से भी द‍िल की धड़कन ठीक हो जाती है।-द‍िल की धड़कन ठीक करने के ल‍िये पानी पीयें। पानी के कुछ घूंट भी आपके दि‍ल की धड़कन ठीक कर सकते हैं। थोड़े-थोड़े समय में पानी को घूंट-घूंट पीने की आदत डालें। जो लोग सीधे बॉटल से पानी पीते हैं उन्‍हें आगे चलकर परेशानी हो सकती है। पानी आपको हाइड्रेट रखने में भी मदद करेगा। मुश्‍क‍िल स्‍थि‍त‍ि में आपका द‍िमाग ठीक काम करेगा और द‍िल की धड़कने तनाव से तेज नहीं होंगी।-शरीर के ल‍िये नींद बहुत जरूरी है। हेल्‍दी हॉर्ट के ल‍िये आपको एक दि‍न में 8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। नींद की कमी से भी द‍िल की धड़कन अनियमित हो जाती है।

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