नई दिल्ली (पंजाब दैनिक न्यूज़) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2021-22 पेश कर रही हैं। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने राष्ट्रपति भवन गए और वहां राष्ट्रपति से बजट पेश करने की अनुमति ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में 2021-22 के लिए बजट पेश कर रही हैं. कोरोना काल में बजट को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि पिछला साल देश के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा, ऐसे में ये बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब काफी संकट है. कोरोना काल के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गरीबों को गैस, राशन की व्यवस्था दी गई. निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमने कोरोना काल में पांच मिनी बजट पेश किए थे. साथ ही सरकार की ओर से आत्मनिर्भर पैकेज की भी घोषणा की गई थी. कोरोना काल में आरबीआई ने 21 लाख करोड़ के पैकेज का एलान किया था.
वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने जो आत्मनिर्भर पैकेज दिया वो जीडीपी का 13% है. कोरोना संकट के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में चुनौती आई. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए हमें आपदा में अवसर ढूंढना होगा. वित्त मंत्री ने कहा, ”ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया के कमाल की तरह इकॉनमी में जान डालने की कोशिश है.
– कोरोना महामारी ने चुौतियां बढ़ाईं
– आर्थिक मंदी के बारे में सोचा भी नहीं था
– कोरोना से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
– लॉक डाउन ना करते तो ज्यादा लोगों की जान जाती
– कोरोना काल में 80 करोड़ लोगों को राशन बांटा
– किसानों के खाते में पैसा भेजा गया
– कोरोना काल में घर तक दूध और राशन की डिलीवरी हुई
– कोरोना योद्धाओं को नमन, कोरोना काल में जो ड्यूटी करते रहे उन्हें सलाम
– सांसदों और विधायकों ने भी कोरोना काल में अपना वेतन दाल किया
– कोरोना काल में भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज का एलान किया
– कोरोना काल में पांच मिनी बजट पेश किए
– कोरोना काल में आरबीआई ने 27 लाख करोड़ के पैकेज का एलान किय़ा
– सरकार ने जो आत्मनिर्भर पैकेज दिया वो जीडीपी का 13% है
– पीएम गरीब कल्याण योजना कोरोना काल में लाई गई
– अभी भारत में दो वैक्सीन उपलब्ध हैं, दो और वैक्सीन आने की उम्मीद है
– ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया के कमाल की तरह इकॉनमी में जान डालने की कोशिश
– यह बजट आपदा में अवसर की तरह है, अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए हमें आपदा में अवसर ढूंढना होगा
– कोरोना संकट की वजह से अर्थव्यवस्था में मौजूदा परेशानी आयी
– बीमारियों की रोकथाम बजट का सबसे बड़ा लक्ष्य है
– हमारा बजट छह स्तंभों पर टिका है, आत्मनिर्भर भारत का मतलब खुद पर भरोसा करना है.
– आत्म निर्भर भारत योजना 130 करोड़ भारतीयों की उम्मीद का प्रतीक है

कोविड के बावजूद हम रणनीतिक विनिवेश पर काम करते रहे। बीपीसीएल, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड जैसी कंपनियों का विनिवेश 2022 तक हो जाएगा। 2021-22 में दो और सरकारी कंपनियों का विनिवेश होगा। एलआईसी का आईपीओ आएगा। रणनीतिक और गैर-रणनीतिक, दोनों क्षेत्रों की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का विनिवेश किया जाएगा। सरकार ने चार तरह की कंपनियों की पहचान रणनीतिक क्षेत्र के दायरे में की गई है। सरकार को विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपए प्राप्त होगा। ईज ऑफ डुइंग बिजनस के लिए अलग से प्रशासनिक तंत्र गठित किया जाएगा।

पावर सेक्टर की मजबूती के ऐलान
139 गीगाबाइट की क्षमता जोड़ी गई है। कस्टमर के पास अब ये सुविधा होगी कि वो अपने पंसद का बिजली डिस्ट्रीब्यूटर चुन सकें। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की माली हालत पर चिंता है। इसके लिए हम स्कीम ला रहे हैं। उनको मदद दी जाएगी।

1 करोड़ और परिवारों को मिलेगा उज्ज्वला योजना का लाभ
कोरोना के समय भी पेट्रोलियम सप्लाइ में रुकावट नहीं आई। उज्जवला स्कीम से 8 करोड़ परिवारों को फायदा हुआ, अब एक करोड़ परिवार और जुड़ेंगे। 100 नए शहर सिटी गैस वितरण में जोड़े जाएंगे।

विभिन्न शहरों में मेट्रो लाइन का विस्तार
702 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बन चुकी है। 1016 किलोमीटर बन रही है। 27 शहरों में काम हो रहा है। मेट्रो लाइट, मेट्रो नियो नाम से दो नई तकनीक का इस्तेमाल अब होगा। कोच्चि मेट्रो फेज-2 में 11 किलोमीटर लंबी लाइन, चेन्नई मेट्रो के तहत 100 किलोमीटर लंबी लाइन बनेगी, बेंगलुरु मेट्रो प्रोजेक्ट का भी विस्तार होगा। नागपुर और नासिक मेट्रो प्रोजेक्ट को भी केंद्र की मदद मिलेगी।

रेलवे के लिए 1.10 लाख करोड़ का प्रावधान

नेशल रेल प्लान 2030 तैयार है। फ्यूचर रेडी रेल सिस्टम बनाना लक्ष्य है। मेक इन इंडिया पर फोकस है। वेस्टर्न और ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर जून, 2022 तक तैयार हो जाएगा। सोन नगर – गोमो सेक्शन पीपीपी मोड पर बनेगा। ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर खड़गपुर-विजयवाड़ा, इटारसी-विजयवाड़ा कॉरिडोर बनाया जाएगा। ब्रॉड गेज – इलेक्ट्रिफाइड रेल लाइन की लंबाई 46 हजार किलोमीटर है। दिसंबर, 2023 तक 100 परसेंट इलेक्ट्रिफिकेशन होगा। एलएचबी कोच टूरिस्ट रूट पर दिया जाएगा। ये आरामदायक है। हाई डेंसिटी नेटवर्क में स्वदेशी तकनीक से बना रेल प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा। एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए रेलवे के लिए प्रावधान किया गया है।

रेल-रोड कॉरिडोर्स पर बंपर खर्च
देश में डेवलपमेंट फाइनेंसियल इंस्टीट्यूट बनाया जाएगा। रेलवे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एनएचएआई के टोल रोड, एयरपोर्ट जैसे संसाधनों को असेट मोनेटाइजेशन मैनेजमेंट के दायरे में लाया जाएगा। समर्पित मालवाही गलियारा DFCC, कमीशनिंग के बाद बेचा जाएगा, ऑपरेशन ऐंड मेंटनेंस के साथ। हमने पिछले बजट में 4.21 लाख करोड़ कैपिटल एक्सपेंडीचर के लिए दिए थे। 4.39 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। अगले साल 5.54 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान है। भारतमाला प्रॉजेक्ट के तहत 3 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कें बन चुकी हैं। 8 हजार किलोमीटर का कॉन्ट्रैक्ट मार्च तक दिया जाएगा।

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