(पंजाब दैनिक न्यूज़)  जालंधर, 30 जनवरी विलक्षण दिव्यांगता पहचान पत्र (यूनिक डिसएबिलटी आइडेंटी कार्ड) स्कीम के अधीन जालंधर के विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों की अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करने की रणनीति के अंतर्गत ज़िला प्रशासन की तरफ से 1 फरवरी को सभी 11 डवलपमेंट ब्लाकों में ‘ फार्म कुलैकशन ’ कैंप लगाए जाएंगे।
यह फार्म कुलैकशन कैंप जालंधर पूर्वी, जालंधर पश्चिमी, आदमपुर, शाहकोट, रुड़का कलां, महितपुर, नूरमहल, लोहियां, भोगपुर, फिल्लौर और नकोदर ब्लाकों में पड़ते कम्युनिटी / प्राथमिक हैल्थ सेंटरों में लगाए जाएंगे।
ज़िला प्रशासनीक कांपलैक्स में एक मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि 1 फरवरी को लगने वाले इन कैंपों में आधिकारियों की तरफ से सिर्फ़ फार्म एकत्रित किये जाएंगे और बाद में सभी ब्लाकों में आने वाले दिनों में मेगा मैडीकल जांच कैंप अलग तौर पर लगाऐ जाएंगे।

उन्होंने कहा कि नकोदर में पहला मैडीकल जांच कैंप 3 फरवरी को लगाया जायेगा, जहां विशेषज्ञ डाक्टरों के एक पैनल की तरफ से विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों की जांच की जायेगी और बाद में दिव्यांगता सर्टिफिकेट और यू.डी.आई.डी. कार्ड जारी किये जाएंगे।
उन्होंने पंचायत, सामाजिक सुरक्षा स्त्री और बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के आधिकारियों को गांवों या शहरी क्षेत्रों में सरपंचों, आशा /आंगणवाड़ी वर्करों या काउंसलरों के द्वारा इन कैंपों से सम्बन्धित अधिक से अधिक जागरूकता पैदा करने के निर्देश दिए ताकि विशेष ज़रूरतों वाले सभी व्यक्ति इन कैंपों का अधिक से अधिक लाभ ले सके।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति हमारे समाज का अटूट अंग हैं और उनको हर अपेक्षित सहायता प्रदान करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जायेगी।उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को प्राथमिक सुविधा और दूसरे लोगों के बराबर रोज़गार के उपलब्ध करवाने में सहायता करना हमारा फ़र्ज़ बनता है।

उन्होंने विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों को यू. डी. आई. डी. कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए अपना आधार कार्ड, वोटर कार्ड या आयु का कोई प्रमाण, पासपोर्ट साईज़ फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर आने की अपील कीी और दा जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में दिव्यांगता सर्टिफिकेट जारी करने से पहले हर मंगलवार और गुरूवार को आरथोपैडिकस, ईएनटी और आँखों के माहिर, मनोरोग विशेषज्ञ अन्य माहिरों के एक पैनल की तरफ से आवेदकों की शारीरिक तौर पर जांच की जाती है।उन्होंने आगे कहा कि इस कार्ड के साथ नेत्रहीनों के लिए सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा को यकीनी बनाने के साथ-साथ रोज़गार और अन्य कई अवसरों में लाभ देने में सहायता मिलेगी। वर्णनयोग्य है कि यू.डी.आई.डी. कार्ड स्कीम अधीन जालंधर राज्य में पहले ही सब से अधिक रजिस्ट्रेशन कर चुका है। इस अवसर पर एस.डी.एम. राहुल सिंधु, गौतम जैन, विनीत कुमार, संजीव कुमार शर्मा और डा. जय इन्द्र सिंह, सहायक कमिश्नर हरदीप सिंह और अन्य उपस्थित थे।

 

 

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