(पंजाब दैनिक न्यूज़ )  गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हिंसा का जो नंगा नाच हुआ, उसकी हर तरफ कड़ी आलोचना की जा रही है। भाजपा के जिला जालंधर देहाती के प्रधान अमरजीत सिंह अमरी ने भी इस कृत्य की कड़ी आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि किसानों की ट्रैक्टर परेड के नाम पर उपद्रवियों ने वहां जमकर हिंसा की है। दंगाइयों ने लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास किया है। दिल्ली पुलिस के जवानों पर तलवार और लाठी-डंडे से हमला करना बेहद शर्मनाक है। यहां तक कि पुलिसकर्मियों को ट्रैक्टर के नीचे कुचलने की कोशिश भी की गई। ऐसी हिंसा से सिख धर्म की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। सिखों को बदनाम करने की यह बड़ी साजिश है।

अमरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिखों व किसानों का बेहद सम्मान करते हैं, मगर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस वाले दिन दिल्ली में शरारती तत्वों ने सिखों को बदनाम कर दिया है। धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास किया गया है। यह बेहद निंदनीय कृत्य है। दिल्ली पुलिस ने तो किसानों को शांतमयी ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाजत दी थी, मगर, कुछ शरारती लोगों ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर मार्च को ‘टेरर मार्च’ में बदल दिया। किसान नेताओं ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर शांति से ट्रैक्टर परेड निकालने का आश्वासन दिया था, लेकिन उपद्रवियों ने परेड के दौरान जमकर हिंसा की है। अमरी ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर भारत के संविधान का अपमान हुआ है। इस शर्मनाक हरकत की जिला भाजपा प्रधान ने कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस हिंसात्मक कार्रवाई से एक बात जगजाहिर हो गई है कि मोदी सरकार तानाशाही नहीं कर रही, बल्कि कुछ शरारती लोग ऐसे हैं, जो किसानों के नाम पर पड्यंत्र रच रहे हैं। सरकार व पुलिस ने तो शांतमय परेड निकालने की इजाजत दे ही दी थी, मगर शरारती तत्वों को इस दौरान हिंसा करने का बहाना मिल गया।

LEAVE A REPLY