(पंजाब दैनिक न्यूज़ )मुंबई –   महाराष्ट्र के भंडारा से दर्दनाक खबर है। यहां भंडारा जनरल अस्पताल की Sick Newborn Care Unit में आग लगई गई। जिसके कारण हुए धुएं और दम घुटने की वजह से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई। अस्पताल के चाइल्ड वार्ड कुल 17 बच्चे मौजूद थे। जिन बच्चों की मौत हुई है, वो 1 दिन से तीन महीने तक के थे। अस्पताल में ये आग रात करीब 2 बजे लगी।अस्पताल से जुड़े अधिकारी ने बताया कि बीती रात करीब दो बजे यह आग लगी। वार्ड में मौजूद 17 शिशुओं मे से केवल 7 को बचाया जा सका। उन्होंने बताया कि बीती रात जिला सरकारी अस्पताल के आउट बॉर्न यूनिट से धुंआ उठता दिखाई दिया, जिसके बाद वहां मौजूद नर्स ने दरवाजा खोल कर देखा। वहां बड़े पैमाने पर धुंआ और आग लगी हुई थी। जिसके बाद नींद मे सोए हुए अधिकारियों को सूचित किया गया और अग्निशमन दल और आम जनों की मदद से बचाव कार्य शुरू हुआ।
सूत्रों ने बताया कि इस विभाग मे आऊट बॉर्न और इन बॉर्न दो यूनिट है। जिसमे से इनबॉर्न यूनिट के 7 नवजात शिशु सुरक्षित है, लेकिन 10 बच्चों की मौत हो गई। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि जिला अस्पताल का इतना बड़ा तंत्र होने के बावजदू वार्ड में लगी आग के बारे में समय रहते हुए क्यों नहीं पता चला और जब पता भी चला तब आग क्यों नहीं बुझाई जा सकी। क्या अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं थे।आपको बता दें कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कल ही भंडारा जिले का दौरा किया था और एक बड़ी सरकारी परियोजना का उद्घाटन किया था और आज उसी भंडारा जिले के एक अस्पताल में इतनी बड़ी दुर्घटना हो गई है। हादसे के बाद जिले के तमाम आलाधिकारी घटना स्थल पर मौजूद हैं।

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