(पंजाब दैनिक न्यूज़) साल 2020 का आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को आकार लेगाI ये दिन दिवाली के ठीक 16 दिन बाद पड़ रहा हैI बता दें कि दिवाली अमावस्या के दिन मनाई जाती है और 16 दिन बाद चंद्रग्रहण लगने जा रहा हैI वहीं चंद्रग्रहण के बाद अगले महीने यानी दिसंबर में 14 तारीख को सूर्य ग्रहण लगेगाI इन दोनों खगोलीय घटनाओं को भारत के अलावा दुनिया के अन्य देशों में देखा जा सकेगाI इसलिए हिंदुस्तान में सूतक काल मान्य नहीं होगाI हालांकि दुनिया के अन्य हिस्से में चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण लगने से आस्थावान लोग सूतक काल मानकर कोई भी शुभ काम नहीं करते हैंI

खगोलीय विशेषज्ञों के मुताबिक इस साल 2020 में 6 ग्रहण लगने थेI सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को मिलाकर अब तक चार ग्रहण लग चुके हैंI इस साल 30 नवंबर को लगने वाला चंद्रग्रहण उपच्छाया ग्रहण होगाI ज्योतिषविदो का कहना है कि उपच्छाया ग्रहण लगने के चलते सूतककाल मान्य नहीं होगाI ऐसे में भारत में लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगाI नवंबर के आखिरी दिन लगने वाले चंद्रग्रहण को एशिया के कुछ देशों के साथ अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी देखा जा सकेगाI इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में भी ये ग्रहण दिखाई देगाI
30 नवंबर को ग्रहण दोपहर 1.04 बजे शुरू होगा और 3.13 बजे इसका मध्यकाल होगा, जबकि शाम 5.22 बजे चंद्रग्रहण समाप्त हो जाएगाI

बता दें कि चंद्रग्रहण के समय पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती हैI इस स्थिति में पृथ्वी की छाया से चंद्रमा ढंक जाता हैI चंद्रग्रहण को खुली आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन सूर्य ग्रहण को नहींIसाल का अंतिम सूर्य ग्रहण इस साल 14 दिसंबर को लगेगाI यह शाम 7.30 बजे से शुरू होकर 15 दिसंबर को 12 बजे समाप्त होगाI सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगाI
बता दें कि सूर्य ग्रहण के समय पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है, जिसकी वजह से सूर्य आधा या पूरा ढंक जाता हैI ये खगोलीय घटना सूर्य ग्रहण कहलाती हैI

क्या होता है सूतक काल?
ज्योतिविदो के मुताबिक सूर्य या चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतककाल प्रारंभ होता हैI इस दौरान आस्थावान लोग कोई शुभ कार्य नहीं करते हैंI ग्रहण समाप्त होने के साथ सूतककाल समाप्त हो जाता हैI

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