(पंजाब दैनिक न्यूज़) देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए देश में आने वाले त्योहारी सीज़न को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने त्योहारों के दौरान कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को लेकर मंगलवार को मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी की हैं। आने वाले दिनों में कई ऐसे त्योहार आने वाले है जिन्हें परंपरा के अनुसार धूमधाम से मनाया जाता है। जिसके चलते (एसओपी) ज़ारी की गई है जिसके अनुसार कंटेनमेंट जोन में कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं होगी।

एसओपी के अनुसार, कंटेनमेंट जोन में किसी भी प्रकार के आयोजन की अनुमति नहीं है और न ही कंटेनमेंट जोन से कोई व्यक्ति किसी आयोजन में आयोजनकर्ता, कर्मचारी या आगंतुक के रूप में शामिल हो सकते हैं। आयोजनकर्ताओं को कोविड-19 अनुकूल व्यवहार का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों को तैनात करना होगा तथा उन्हें कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए फेस कवर या मास्क, हैंड सैनिटाइजर, साबुन तथा सोडियम हाइड्रोक्लोराइट आदि की पूरी व्यवस्था करनी होगी।
अब त्योहौर मनाने के लिए इन नियमों का पालन जरूरी होगा I
दिशा-निर्देशों में कार्यक्रमों के लिए विस्तृत स्थान, सामाजिक दूरी सुनिश्चित करना और मूर्तियों व पवित्र ग्रंथों को स्पर्श नहीं करने जैसे उपाय शामिल हैं। एसओपी में कहा गया है कि जहां तक संभव हो रिकॉर्ड किए गए भक्ति संगीत या गाने बजाए जाएं और गायन समूहों को अनुमति न दी जाए।
मंत्रालय ने कहा कि अक्तूबर से दिसंबर के बीच धार्मिक पूजा, मेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि बड़े समारोह आयोजित होते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि इस तरह के आयोजनों के लिए आवश्यक निवारक उपायों का पालन किया जाए। ऐसे कार्यक्रम एक दिन या एक सप्ताह या उससे भी अधिक समय तक चलते हैं।
एसओपी के अनुसार भौतिक दूरी के मानदंडों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थलों में सभी स्थानों पर उचित चिह्न होना चाहिए। साथ ही केवल उन कर्मचारियों और आगंतुकों को ही आने की अनुमति दी जाए जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं हैं। प्रवेश की अनुमति तभी दी जाएगी जब वे मास्क का उपयोग कर रहे हों। मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार कार्यक्रम की योजना इस प्रकार से बनाई जानी चाहिए कि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और सामाजिक दूरी का पालन हो सके। रैलियों और विसर्जन समागमों में लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक न हो और सामाजिक दूरी व मास्क पहनना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

एसओपी के अनुसार सक्षम अधिकारी स्थानीय आकलन के अनुसार अपने क्षेत्र में अतिरिक्त उपायों को लागू कर सकते हैं जो गृह मंत्रालय द्वारा दी गई अनुमति के अनुरूप हो। थर्मल स्क्रीनिंग पर भी जोर दिया गया है। निगरानी के लिए क्लोज-सर्किट कैमरे आदि का इस्तेमाल करने पर विचार किया जा सकता है। अब देखना होगा कि आने वाले त्योहारों में कोरोना वायरस के केस पढ़ते हैं क्या कम होते हैं I

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