(पंजाब दैनिक न्यूज़) अलसी के लाभकारी गुण: अलसी के बीज (Flax seeds)में आयरन, जिंक, पोटैशियम, फोस्फोरस, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन ई, कैरोटीन तत्व पाए जाते हैंIअलसी के बीज का सेवन त्वचा को स्वस्थ और स्निग्ध बनाता है, नाखून को मजबूत और चिकना बनाता है, नेत्र-दृष्टि बरक़रार रखता है, बालों को टूटने से रोकता है और डैंड्रफ भी दूर करता हैI यह त्वचा की बीमारियों एक्जिमा, सोराइसिस के उपचार में भी कारगर माना गया हैI
अलसी के बीज लिग्नांस का बहुत अच्छा स्रोत है, जोकि एस्ट्रोजन और एंटी ओक्सिडेंट गुणों से भरपूर हैI इसी वजह से यह औरतों के हार्मोनल बैलेंस के लिए बहुत सहायक होता हैIइन्हें खाली खाएं, हल्का भून कर खाएं अथवा सलाद या दही में मिलाकर खाएं, चाहे तो जूस में मिलाकर पियेंI यह जूस के स्वाद को बिना बदले उसकी पोषकता कई गुना बढ़ा देगाI अलसी के बीज ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने, हाइपरटेंशन के रोगियों के लिए, ब्लड शुगर कंट्रोल में अत्यंत लाभदायक हैI यह बीज विटामिन बी काम्प्लेक्स, मैगनिशियम, मैगनीस तत्वों से भरपूर है जोकि कोलेस्ट्रोल को कम करते हैIअलसी में पॉली अनसेचुरेटेड फैटी एसिड्स होता है जो कि विशेष रूप से ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और कोलन कैंसर से बचाव करता हैI इन बीजों में पाए जाने वाला अल्फा-लिनोलेनिक एसिड जोड़ो की बीमारी आर्थराइटिस के लिए और सभी तरह के जॉइंट पेन में बहुत राहत दिलाता हैI गर्भवती स्त्रियों और स्तनपान कराने वाली माताओं को इसका सेवन अवश्य करना चाहिएI आज भी शहरो और कस्बों के कई परिवारों में ऐसी स्त्रियों को अलसी के बने लड्डू और अन्य भोज्य पदार्थ दिए जाते हैंI यह इस बात का प्रमाण है कि हमारे पूर्वज अलसी का महत्व अच्छी तरह जानते थे पर हम इन्हें भुलाकर सिर्फ दवाइयां खाने में विश्वास करने लगेIअलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का बहुत अच्छा स्रोत माने जाते हैंI ओमेगा3 फैटी एसिड्स की कैप्सूल्स का यह अच्छा विकल्प भी हैI डाईटिशियन और डाक्टर भी आजकल इसे खाने की सलाह देते हैIयह बीज फाइबर से भरपूर होते हैं अतः यह वजन घटाने में भी बहुत कारगर हैI महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाली समस्याओं में भी अलसी के उपयोग से राहत मिलती हैI यह देखा गया है कि माइल्ड मेनोपॉज़ की समस्या में रोजाना लगभग दो टेबलस्पून पिसी हुई अलसी खाने से वही लाभ प्राप्त होते हैं जो हार्मोन थैरेपी से मिलते हैंIअलसी किडनी संबंधित समस्याओं में भी लाभकारी हैI डायबिटीज़, कैंसर, ल्यूपस, और आर्थ्राइटिस आदि रोगों में भी इसके प्रभावों पर रिसर्च की जा रही हैI अलसी के बीज एंटी बैकटिरियल, एंटी फंगल और एंटी वायरल होते है. इनका उपयोग शरीर की रोगप्रतिरोधक-क्षमता बढाता हैIअलसी के साबुत बीज कई बार हमारे शरीर से पचे बिना निकल जाते हैं इसलिए इन्हें पीसकर ही इस्तेमाल करना चाहिएI 1 टेबलस्पून अलसी पाउडर को सुबह खाली पेट हल्के गर्म पानी के साथ लेने से शुरुआत करेंI आप इसे फल या सब्जियों के ताजे जूस में मिला सकते हैं या अपने भोजन में ऊपर से बुरक कर भी खा सकते हैं. दिन भर में 2 टेबलस्पून से ज्यादा अलसी का सेवन न करेंI साबुत अलसी लंबे समय तक खराब नहीं होती लेकिन इसका पाउडर हवा में मौजूद ऑक्सीजन के प्रभाव में खराब हो जाता है, इसलिए ज़रूरत के मुताबिक अलसी को ताज़ा पीसकर ही इस्तेमाल करेंI इसे अधिक मात्रा में पीसकर न रखेंI बहुत ज्यादा सेंकने या फ्राई करने से इसके औषधीय गुण नष्ट हो सकते हैं और इसका स्वाद बिगड़ सकता है Iअलसी खाने से कुछ लोगों को शुरुआत में कब्ज हो सकती हैI ऐसा होने पर पानी ज्यादा पिएंI अलसी खून को पतला करती है इसलिए यदि आपको ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लेंIअलसी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़नेवाले प्रभावों पर हालांकि कोई बड़ी रिसर्च नहीं हुई है लेकिन पारंपरिक ज्ञान में को बहुत गुणकारी माना गया हैI इसके उपयोग से कोलेस्ट्रॉल के लेवल में कमी आना देखा गया है I

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