नकोदर (मुनीश तोखी ) के.आर.एम. डीएवी कॉलेज नकोदर की पंजाबी विभाग वह आइ.क्यू.ए.सी. के सामूहिक प्रयत्नों से पंजाब सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों के अनुसार डॉ अनूप कुमार की प्रधानता में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400 वर्षीय प्रकाश-पर्व को समर्पित एक दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय कवि दरबार करवाया गया इस कवि दरबार में 12 सौ से अधिक साहित्य रसियों ने गूगलमीट व फेसबुक लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए भाग लिया डॉक्टर हरसिमरन कौर ने कभी दरबार के बारे में जानकारी दी I प्रोफेसर गुरजीत सिंह मुखी पंजाबी विभाग ने कवि दरबार में भाग लेने वाले प्रमुख कवियों का स्वागत किया I प्रिंसिपल डॉ अनूप कुमार ने कवि दरबार में भाग ले रहे कवियों का स्वागत किया और कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी की वाणी हमें सरब-सांझीबालता और वैराग का संदेश देती है I इस तरह कालेज द्वारा 400 वर्षीय प्रकाश-पर्व को समर्पित, इस कवि दरबार का मुख्य उद्देश्य गुरु जी के बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना है उन्होंने भविष्य में अन्य ऐसे कार्यक्रम करवाने में दिलचस्पी दिखाई ताकि छात्रों को गुरु जीवन, बानी और संकल्पों से निरंतर अवगत करवाया जा सके प्रोफेसर डॉ कमलजीत सिंह ने आइ.क्यू.ए.सी. द्वारा बोलते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का सिमरन हमें नौ खजानो से अवगत करवाता है हमें गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए और उनकी कुर्बानी को याद रखना चाहिए I प्रसिद्ध कवि प्रोफेसर दलबीर सिंह रियाड़ द्वारा कवि दरबार का बखूबी संचालन किया गया I इस कवि दरबार में प्रोफेसर रियाड़ के इलावा इंज. कमलजीत सिंह नूर, डॉ हरी सिंह जाचक, डॉक्टर गुरशरण सिंह पवराना, व बीबी सरबजीत कौर ने अपनी बेशकीमती रचनाओं को सांझा किया I सभी कविताओं में गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, कुर्बानी और और वाणी की मुंह बोलती तस्वीरें झलकती है I इस कवि दरबार में देश-विदेशों से सुनने वाले सभी श्रोता उत्साहित हुए I यहां कवियों ने अपनी रचनाओं के साथ रंग बांधा वही श्रोताओं ने वाह-वाह करके हौसला अफजाई की I इस सारे कवि दरबार में प्रोफेसर जसबीर सिंह ने अपना विशेष योगदान दिया I अंत में प्रोफेसर तजिंदर विरली ने सबका धन्यवाद किया I ऐसे कवी दरबार यादगारी बना I

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