नई दिल्ली (पंजाब दैनिक न्यूज़ ) श्री अकाल तख्त साहिब पर हमला करने वाली कांग्रेस पार्टी ने गुरु नानक देव जी द्वारा शुरु किये गुरु के लंगर को बंद करवाने व सिखी को चोट पहुँचाने के लिए परमजीत सिंह सरना की ड्यूटी लगाई है I जिस कारण सरना द्वारा गुरुघरों, गुरु पंथ, गुरु परंपराओं व सिख ककारों पर हमले किये जा रहे हैं। यह विचार शिरोमणी अकाली दल की दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने प्रकट किये हैं।यहां एक प्रैस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए  हरमीत सिंह कालका ने कहा कि परमजीत सिंह सरना द्वारा एक तरफ तो गुरु के लंगर के खिलाफ मुहिम चलाई गई जबकि दूसरी तरफ गुरु मर्यादा के धारणी गुरसिख के पांच ककारों पर भी हमले बोले गये जिससे सिख संगत के हृदयों को चोट पहुंची है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा बंगला साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी रणजीत सिंह जी के खिलाफ सरना द्वारा प्रयोग की गई शब्दावली से जहां संगत में रोष की लहर दौड़ गई वहीं यह भी बात साबित हो गई कि कांग्रेस पार्टी द्वारा गुरु घरों, गुरु पंथ व गुरसिखों को नुकसान पहुंचाने के लिए लंबे समय से जो रणनीति बनाई गई थी, उसे पूरा करने के लिए अब परमजीत सिंह सरना जैसों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्होंने कहा कि सिख कौम परमजीत सिंह सरना की सिख ककारों व गुरु के लंगर के खिलाफ साजिशों को कभी बर्दाशत नहीं करेगी व इस बात का मुंह तोड़ जवाब दिया जायेगा।
कालरा ने कहा कि सरना व उसके नये बने साथी मनजीत सिंह जी.के ने पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का नाम प्रयोग कर करोड़ों रूपये इकट्ठे कर लिए और वह रकम 1984 के सिख कत्लेआम के दोषी सज्जन कुमार व अन्यों की ज़मानत के लिए प्रयोग किये जा रहे हैं। एक तरफ तो सरना और जी.के अपने द्वारा बांटे जा रहे लंगर को सही बता रहे हैं जबकि दूसरी तरफ गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के स्थान गुरुद्वारा बंगला साहिब पर बांटे जा रहे लंगर के खिलाफ हमले बोल रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण बात है और इसका जवाब संगत इन पंथ दोषियांे को निश्चित ही देगी।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव ने कहा कि गुरुद्वारा बंगला साहिब व अन्य गुरुधामों से जरूरतमंदों व भूख का शिकार हो रहे लोगों के लिए की जा रही लंगर सेवा की प्रशंसा दुनिया भर में हो रही है मगर सरना और जी.के का पूरा ज़ोर गुरुघरों पर हमले बोलने व दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी द्वारा की जा रही मानवता की सेवा की बदनामी करने पर लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरना द्वारा किया गया ताज़ा हमला यह प्रभाव दे रहा है कि कांग्रेस पार्टी ने 6 जून को श्री अकाल तख्त साहिब पर हुए हमले की वर्षगांठ से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उनसे यह बयानबाजी करवाई गई है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष कांग्रेस यह जिम्मेवारी सरना को सौंपती है।
उन्होंने ने बताया कि उन्होंने और दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस पूरे मामले से श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी को परिचित करवा दिया है व सरना को सिख पंथ से बाहर निकाले जाने की अपील की है तांकि यह कांग्रेस का ऐजेंट बन कर सिखों में रह कर पंथ का नुकसान ना कर सके।

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