(पंजाब दैनिक न्यूज़ ) चीन ने कुत्ते के मीट को बैन करने की ओर संकेत दिये हैं । कुत्तों का इंसानों से गहरा रिश्ता होता है I पेइचिंग चीन ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही खाने की टेबल से कुत्तों का मांस भी गायब हो सकता है। दरअसल कुत्तों को फार्म ऐनमिल की जगह कम्पैनियन ऐनिमल के तौर पर क्लासिफाई करते हुए निर्देश जारी कर दिया गया है। चीन के कृषि मंत्रालय ने देश में कुत्तों को लेकर चली आ रहीं परंपराओं को बदलने की मांग की है और जोर दिया है कि वे साथी होते हैं, रेस्क्यू का काम करते हैं और सर्विस ऐनिमल होते हैं। खास बात यह है कि कुछ ही हफ्तों में युलिन डॉग मीट फेस्टिवल आने वाला है, जब बड़ी संख्या में कुत्तों को बेरहमी से मार दिया जाता है।
इंसानों से होता है गहरा रिश्ता
चीन की कृषि मंत्रालय कुत्तों को लाइवस्टॉक या पोल्ट्री का जानवर नहीं मानता। इसे लेकर नए निर्देश जारी किए गए हैं। इस श्रेणी में आने वाले जानवरों की व्यापारिक ब्रीडिंग, व्यापार और ट्रांसपोर्ट की इजाजत होती है। कुत्तों को इसमें शामिल नहीं किए जाने से कम से कम 1 करोड़ कुत्तों की जान हर साल बचाई जा सकती है। मंत्रालय के एक प्रवक्ता के मुताबिक कुत्तों को पालतू जानवर के तौर पर रखा जाता है और उनका इंसानों से गहरा रिश्ता होता है।

युलिन डॉग मीट फेस्टिवल दुनिया के सबसे विवादित फूड फेस्टिवल्स में से एक है। यहां कुत्तों को मारा-काटा जाता है और फिर पकाकार लोगों को खिलाया जाता है। प्रवक्ता का कहना है कि समय के साथ इस दिशा में और नीतियां भी लागू की जा सकती हैं। चीन के दो शहरों, शेनझेन और झुआई में कोरोना वायरस महामारी के बाद से कुत्तों को खाने पर रोक लगाई जा चुकी है I

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