जालंधर (मुनीश तोखी ) कोविड-19 और वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते जहां पंजाब में कर्फ्यू लगा हुआ है वही लॉक डाउन कर्फ्यू के कारण मदरसे और मस्जिदें भी बंद हैं। सरकार का यह आदेश सभी मुसलमान सम्मान के साथ मानते हुए रमज़ान के पवित्र महीने में भी अपने घरों में नमाज़ अदा कर रहे हैं। लगातार 6 हफ्ते से जुम्मा की नमाज भी लोग अपने घरों में अदा कर रहे हैं जिस कारण जुम्मा की नमाज में होने बाला चंदा भी अब नहीं हो पा रहा है जिससे मस्जिद कमेटियां इमाम और मोअज्जीन की तनख्वाह अदा करती हैं लेकिन लगातार डेढ़ महीने सेअपने घरों में अदा कर कर रहे हैं I कर्फ्यू लॉक डाउन के चलते नमाजीअब मस्जिदों में नहीं आ पा रहे हैं, ऐसे में हमारी मस्जिदों और मदरसों पर होने वाला खर्च इंतजामिया कमेटियों के लिए चिंता का विषय है ऑल इंडिया जमात ए सलमानी बिरादरी के पंजाब चेयरमैन अख्तर सलमानी ने पंजाब वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुनेद रजा खान से मस्जिद और मदरसों के लिए विशेष ग्रांट जारी करने की अपील की वह इस संबंध में जल्द ही पंजाब वक्फ बोर्ड को मांग पत्र सौंपेंगे वक्फ बोर्ड मस्जिदों खानकाहो और मदरसों की हिफाजत व रखरखाव के लिए बना है I मस्जिदे व मदरसे संपत्तियों के रूप में अल्लाह की निशानी इन मस्जिदों वह मदरसों के रखरखाव की ओर पंजाब बोर्ड से विशेष ध्यान देने की अपील की। अखतर सलमानी ने कर्फ्यू के दौरान वक्फ बोर्ड की ओर से गरीबों में राशन वितरण को भी सराहा। उन्होंने ने कहा कि पंजाब वक्फ बोर्ड को चाहिए कि वह पंजाब में स्थित जरूरतमंद मदरसों और मस्जिदों की जिला वाइज सूची तैयार करके सभी जरूरत कमेटियों को विशेष ग्रांट का प्रावधान पहल के आधार पर कराएं ताकि मस्जिदों व मदरसों में मौजूद इमाम और उस्तादों व अन्य खर्चों को पंजाब के मुसलमान मेंटेन रख सकें। अखतर सलमानी ने कहा कि पंजाब वक्फ बोर्ड की यह ड्यूटी है और इस ओर ध्यान दिया जाने से वक्फ बोर्ड अपनी सही खिदमत को जब अंजाम देगा तो अल्लाह बोर्ड को और तरक्की से नवाज़ेगा इंशाअल्लाह।

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