जालंधर (मुनीश तोखी ) ज़िला प्रशासन द्वारा जालंधर में कोरोना वायरस को प्रभावशाली ढंग से फैलने से रोकने की वचनबद्धता के अंतर्गत ज़िला जालंधर पूरे राज्य में कोरोना के शकी मरीज़ों के 20 प्रतिशत टैस्ट करके प्रमुख ज़िला बना है जिस से पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान करने में बहुत सहायता मिली है। प्राप्त विवरणों के अनुसार पंजाब के 22 जिलों में 26 अप्रैल तक कोरोना वायरस के 12064 टैस्ट किये गए हैं। इन में से जालंधर में ही केवल 2253 टैस्ट किये गए हैं जबकि लुधियाना 15966 और साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर(मुहाली) में 1184, संगरूर 890, पठानकोट 788, शहीद भगत सिंह नगर 785, अमृतसर 723, गुरदासपुर 583, मोगा 578, पटियाला 563, तरन तार 453, बठिंडा 436, होशियारपुर 415, फ़िरोज़पुर 406, मानसा 400, फरीदकोट 378, फतेहगड़ साहिब 365, फाजिल्का 357, कपूरथला 357, श्री मुक्तसर साहिब 346, बरनाला 263 और रूपनगर में 198 टैस्ट किये गए हैं।
जिले में कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों का पता लगाने के लिए पूरे ज़ोरों से टैस्ट अभियान चला कर अधिक से अधिक मरीज़ों की पहचान की जा सकी जोकि जालंधर निवासियों के लिए बड़ा ख़तरा हो बन सकता था। एक अन्य तथ्य के अनुसार ज़िला प्रशासन द्वारा किये गए अधिक से अधिक टैस्टों के कारण कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों के संपर्क में आए 100 प्रतिशत लोगों का पता लगा कर 700 लोगों के टैस्ट किये गए। इन संपर्कों का पता अतिरित डिप्टी कमिशनर जालंधर विशेष सारंगल का नेतृत्व में गठित की गई उच्च स्तरीय समिति द्वारा की गई सख्त मेहनत के फलस्वरूप लगाया जा सका I जिन में 60 से अधिक कोरोना पॉजिटिव केस स्व बलदेसव सिंह, दीपक शर्मा, कविता महाजन, स्व कुलजीत कौर, जसबीर सिंह और स्वर्ण लता के संपर्क में आने के कारण सामने आए थे।
डिप्टी कमिश्नर जालंधर वरिन्दर कुमार शर्मा और पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एक मात्र रास्ता अधिक से अधिक टैस्ट करना था। उन्होने कहा कि यदि यह सब कुछ समय पर न किया जाता तो जिले में कोरोना वायरस के कारण और अधिक नुकसान का सामना करना पड़ना सकता था। दोनों आधिकारियों ने कहा कि कोरोना वायरस से प्रभावित मरीज़ों की पहचान करने के लिए टैस्ट अभियान को आने वाले दिनों में भी जारी रखा जायेगा जब तक जिले से कोरोना वायरस का पूरी तरह ख़ात्मा नहीं हो जाता।
इसी तरह मैडीकल सुपरडंट सिविल अस्पताल जालंधर डा.हरिन्दर सिंह और ऐपीडीमोलोजिस्ट सिविल अस्पताल जालंधर डा.सोभना ने बताया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर टैस्ट करना ही एक मात्र रास्ता है। उन्होने कहा कि यदि इस को समय पर ना किया जाता तो इस का बहुत बुरा प्रभाव होना था। स्वास्थ्य विभाग के इन आधिकारियों ने कहा कि टैस्ट और संपर्कों की पहचान करने की मुहिम को तब तक जारी रखा जायेगा जब तक जिले में कोरोना वायरस को पूरी तरह ख़त्म नहीं कर दिया जाता।

LEAVE A REPLY