जालन्धर(पंजाब दैनिक न्यूज़  ) पंजाब सरकार के निर्देशों के उलट कर्फ़्यू केदौरान विद्यार्थियों के माता पिता से फीस मांगने वाले जालंधर के कैंब्रिज इंटरनैशनल स्कूल जालंधर और आर्मी पब्लिक स्कूल जालंधर कैंट को आज कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस से संबंधित और ज्यादा जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री पंजाब  विजय इंद्र सिंगला ने बताया कि सरकार की निर्देशों का उल्लंघन करने वाले राज्य के 48 स्कूलों को अब तक नोटिस जारी करके जवाब दाखिले करने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है और यदि यह स्कूल उचित जवाब देने से असमर्थ रहे तो इतकी मान्यता या एतराजहीनता सर्टिफिकेट (एन.ओ.सी.) रद्द कर दी जायेगी। उन्होने कहा कि इस से पहले भी जालंधर के ए.पी.जे. स्कूल को ऐसा नोटिस जारी किया जा चुका है।कैबिनेट मंत्री ने निर्देश की कि लाकडाऊन खत्म होने तक स्कूलों द्वारा अगले अकादमिक साल के लिए बसों के किराये और किताबों का चार्ज ना वसूला जाये। उन्होने कहा कि इन स्कूलों के अतिरिक्त यदि कोई अन्य स्कूल भी कर्फ़्यू के दौरान फीस की माँग करता है तो विद्यार्थी या उन के माता पिता अपनी शिकायत सीधा उनको ई -मेल, vijayindersingla@gmail.com पर भेज सकते हैं।
विजय इंद्र सिंगला ने बताया कि कोरोनावायरस के हमले से पूरी दुनिया प्रभावित हुई है जिस कारण हालात आम की तरह होने तक पंजाब के सभी स्कूलों को दलितों से फीसें लेने से मनाही के आदेश जारी किये गए थे। उन्होने कहा कि परन्तु कुछ प्राईवेट स्कूलों द्वारा इन निदे्रशों का उल्लंघन करके अलग -अलग मध्यमों द्वारा माता पिता को फीस भरने के लिए संदेश लगाए जा रहे थे। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 23 मार्च 2020 को शिक्षा विभाग द्वारा सभी गैरसरकारी शैक्षिक संस्थाओं को निर्देश की गई थी कि साल 2020-21 के लिए दाखिले की अंतिम तिथि को दोबारा निश्चित किया जाये और हालात सुधरने के उपरांत फीसों लेने के लिए एक महीनो का समय जरूर उपलब्ध करवाया जाये। उन्होने कहा कि इन आदेशों के द्वारा ही लौकडाऊन लागू रहने तक कोई जुर्माना या लेट फिस लगाने से मनाही की गई थी।

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