दिल्ली 20 मार्च (ब्यूरो पंजाब दैनिक न्यूज़ ) गत दिनों निर्भया गैंग रेप और मर्डर के आरोपियों को कोर्ट की तरफ से मौत की सजा सुनाए जाने के बाद फांसी के लिए कई तारीखें तय हुई, लेकिन दोषी कोई न कोई तिकड़म अपनाकर बच ही जाते थे। गुरुवार देर रात को भी दिल्ली हाईकोर्ट में भी
मामले को लेकर सुनवाई चली और इनके सारे पैंतरे फेल हो गए। इसके बाद शुक्रवार सुबह साढ़े 5 बजे दोषियों को तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। यह पहला मौका है जब तिहाड़ में चार अपराधियों को एक साथ फांसी पर लटकाया गया है Iगौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में निर्भया के साथ दर्दनाक हादसा
हुआ था। सुबह की 4:30 सभी दोषियों पवन, विनय, अक्षय और मुकेश को उठाया गया। सभी जेल नंबर तीन में अलग-अलग कंडम सैल में बंद थे।अंतिम इच्छा
पूछने के बाद जेल का स्टाफ उन्हें
फांसी के तख्ते तक ले जाता है।
वहां दोषियों को काले कपड़े से सिर ढंक दिए जाते हैं और हाथ पीछे से बांध दिए जाते हैं। फांसी देने के लिए जेल में दो अलग -अलग
तख्ते बनाए गए थे।एक तख्ते पर दो और फिर दूसरे तख्ते पर दो को फांसी दी गई।
नियम के अनुसार फांसी का लीवर
खींचने के बाद आधे घंटे तक उन्हें फंदे पर लटकाकर रखा जाता है। इसके बाद मेडिकल ऑफिसर उनका परीक्षण करके उन्हें घोषित करते हैं। सुबह करीब 8 बजे सभी चार दोषियों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए जाएंगे। ब्यूरो रिपोर्ट पंजाब दैनिक न्यूज़..

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