जालंधर (मुनीश तोखी ) अतंरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उर्मिल वैध ने अपने विचार देते हुए कहा कि महिलाएँ बाहर की ज़िमेदारीयाँ निभा रहीं हों या घर की, उनका होसला, ज़ज्बा और समर्पण चरम सीमा पर होता है वह माँ हो बहन या पत्नी हो हर मोर्चे पर डट के खड़ी होती है और अपनी ज़िमेदारीया बखूबी निभाती हैं
उर्मिल वैध ने कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में पुरुष के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलती है चाहे वो सामाजिक हो आर्थिक हो या फिर राजनैतिक हो महिला मन मस्तिष्क से तो बेहद मजबूत है परन्तु एक बहुत बड़ी त्रासदी यह है कि आज की महिला सुरक्षित नहीं है क्यूँ कि वो शारीरिक रूप से पुरुष के मुकाबले में कमजोर है बेहद दुख और क्रोध आता है जब आए दिन बच्चियों के साथ बलात्कार होता है इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और ल़डकियों के स्कूल मे सेल्फ डिफेंस एजुकेशन अनिवार्य होनी चाहिए I

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