जालंधर (मुनीश तोखी ) फैडरेशन आफ L.I.C श्रेणी 1 आफिसर्ज एसोसिएशन, नैशनल फेडरेशन आफ फील्ड वर्करज एसोसिएशन एवं आल इंडिया इंश्योरैस इम्पलाईज एसोसिएशन के संयुक्त आहवान पर पूरे देश में LIC में एक घण्टे की कार्य बहिष्कार हड़ताल की गई । देश के बाकी हिस्सों की तरह निगम के जालन्धर
मण्डल के सभी सैंटरों पर हड़ताल पूरी तरह सफल रही ।केन्द्रीय बजट में L.I C. को पूंजी बाजार में सचीबदध करने के प्रस्ताव के खिलाफ यह हड़ताल की गई ।
1956 में बीमा उद्धयोग का राष्ट्रीयकरण करते हुए भारत सरकार ने L.I.C. में 5 करोड़ का निवेशकिया था Iइस पूंजी पर अभी तक 26000 करोड से भी अधिक का डिविडेंड भारत सरकार को दिया जा चुका है । लगभग 23 निजी कम्पनियां होने के बावजद भी जीवन बीसा उदधयोग में L.I.C. का मार्केट शेयर 73% से
भी अधिक है जोकि जनता का एस.आई.सी. के प्रति विश्वास दिखलाता है । L.I.C. जनता से प्राप्त निवेश
को बिजली, पानी, ऊर्जा, परिवहण, संचार सहित तमाम ढांचागत विकास में निवेश करती है । इस समय
L.I.C. के पास 32 लाख करोड़ से अधिक मुल्य की सम्पति है । L.I.C. ने केन्द्र सरकार की प्रतिभूतियों में
18 लाख करोड़ रुपए निवेश किए हैं और इस के अतिरिक्त आवास में 54285 करोड़, ऊर्जा क्षेत्र में 108000 करोड़, सिंचाई में 150 करोड़, सड़क निर्माण में 65620 करोड़ रुपए, संचार में 31465 करोड़ रुपए निवेश किएहैं । कुल मिला कर वर्ष 2013-19 तक L.I.C. ने 21.4 लाख करोड़ रुपए देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया है ।वक्तायों ने बताया कि L.I.C. के 40 करोड़ पालिसी होल्डर हैं। L.I.C हुए इस अवसर पर बोलते की क्लेम सैटलमैंट रशो सबसे बढ़िया है । भारत सरकार के द्वारा किए जा रहे खर्चो का 25% L.I.C. द्वारा फाईनांस किया जाता है । लेकिन भारत सरकार अपने आर्थिक कुप्रबन्धन के चलते L.I.C. जैसे उपक्रम को भी पूंजी बाजार के लिए खोलना चाहती है जिससे सरकार के पूंजीपती मित्रों को लाभ हो सके ।
इस रैली को सुनील कैला, दलीप खन्ना, संजय शर्मा, आशीज ने संबोधित किया I

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