https://youtu.be/u9lcrUu9Ey8जालंधर (मुनीश तोखी ) इंसानियत अभी भी जिंदा है जिसकी उदाहरण ओल्ड बेअंत नगर मे कबाड़ का सामान इकट्ठा करने वाली बंगाली परिवार ने दी I कुछ दिन पहले रेलवे लाइनों पर कबाड़ का सामान इकट्ठा करते समय बंगाली महिला टुल्लू को लड़की दिखी जोकि रेलवे लाइनों पर अपनी जान देने जा रही थी I लड़की से बात करने पर उन्हें पता चला कि वह अपनी बुआ के घर से नाराज होकर मरने के लिए रेलवे लाइन पर आई है I लेकिन बंगाली महिला टुल्लू ने उसे अपने घर ले जाने में बेहतरी समझी और साथ ही उन्होंने लड़की का घर ढूंढने की पूरी कोशिश की कोशिश करने पर उनको जब लड़की का कोई अता पता नहीं चला तो उन्होंने प्रसिद्ध समाज सेवक हरजिंदर सिंह ढींडसा से संपर्क किया तो हरजिंदर सिंह ढींडसा ने पहले रामा मंडी थाने के एसएचओ को इस मामले की जानकारी दी उसके बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार का प्रोजेक्ट चाइल्ड लाइन के फोन नंबर 1098 पर संपर्क किया तो उन्होंने जालंधर से अपनी टीम भेजी टीम ने आकर लड़की के साथ काउंसलिंग की लड़की ने बताया कि वह अपने बुआ के घर में रहती थी I बुआ के बड़े लड़के की उस पर बुरी नियत थी I जिसके कारण वह उसे अक्सर ही तंग परेशान करता था इसी वजह से वह बुआ के घर से जान देने के लिए रेलवे लाइनों पर आ गई तथा उसे बंगाली महिला ने बचाया और अपने घर ले गई I पिछले 10 दिनों से बंगाली परिवार ने एक लड़की को अपनी बेटी की तरह संभाल के अपने घर रखा I समाज सेवक हरजिंदर सिंह ढींडसा के प्रयासों से आज थाना रामामंडी की पुलिस मौके पर पहुंची तथा चाइल्ड लाइन की सदस्य, नारी शक्ति जागरण समिति की सदस्य और थाना नंबर आठ की पुलिस मौके पर पहुंची I थाना नंबर आठ की पुलिस ने लड़की को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया तथा लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया I इस अवसर पर प्रिंसिपल किरण वाला, बलजीत कौर, विवा, ठेकेदार जसवीर सिंह, गुरबख्श सिंह ढींडसा, सुखविंदर सिंह खालसा, इंदरजीत सिंह खालसा, जसवंत सिंह खालसा, बनेश्वर सहित भारी संख्या में इलाका निवासी मौजूद थे I

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