IMG-20200110-WA0009जालंधर (मुनीश तोखी ) वैसे तो राज्य के सभी कारोबारियों का कारोबार ना के बराबर चल रहा है परंतु पोल्ट्री कारोबारियों का हाल बद से बदतर है Iनववर्ष के सीजन के दौरान पोल्ट्री कारोबारियों के बुरे दिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सर्दी सीजन में भी अंडे की कीमतों में उठापठक का दौर जारी है। इससे उत्पादक दुविधा में हैं और उनको कोई राह दिखाई नहीं दे रही है।हालत यह है कि 5 जनवरी 2020 को अंडे का ट्रेडिंग रेट 503 रुपये प्रति सैकड़ा था, जोकि 4 दिन में लुढ़क कर यह 470 रुपये रह गया है। कारोवारियों का कहना है कि यदि यही हालात रहे, तो पुराने नुकसान की भरपाई तक करना मुश्किल हो जाएगा।   IMG-20200110-WA0010  ऐसे में पोल्ट्री से कारोबारियों का मोह भंग भी हो जायगा । उत्पादकों का तर्क है कि वर्ष 2019 पोल्ट्री कारोबारियों के लिए काफी खराब रहा। पिछले वर्ष में सीजन के दौरान अंडे का दाम 560 रुपये प्रति सैकड़ा तक गया, लेकिन इस साल पांच सौ रुपये प्रति सैकड़ा आंकड़ा तक भी नहीं छूआ, जबकि लागत में काफी इजाफा हो गया।अब पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी और हाईवे बंद होने के कारण अंडे की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में यहां पर कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। कारोबारियों ने सरकार राज्य से मांग की है कि सरकार पोल्ट्री कारोबारियों को राहतें दें। फीड पर सब्सिडी दे । जिससे कि उनको कारोबार में हुए नुकसान में कुछ राहत मिल सके I

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